69000 शिक्षक भर्ती प्रेस विज्ञप्ति

पीयूष जी का क्या मानना है , शिक्षक भर्ती में आइए देखते हैं

60-65 समर्थक एक हारी हुई लड़ाई लड़ रहे हैं ….

लेकिन किसी को भी कोशिस करने से पीछे नही हटना चाहिए …..

मै भी 60-65 समर्थक हु लेकिन आज़ाद भारत की कोई एक भर्ती बता दो जो विज्ञप्ति के अलावा रत्ती भर परिवर्तित नियम के आधार पर हुई हो ??????

12460 का उदाहरण लो उसमे भी योगी जी supertet करवाने के बाद नियुक्ति करना चाह रहे थे लेकिन कोर्ट ने नही माना ….क्योंकि विज्ञप्ति में supertet का जिक्र नही था

दरोगा भर्ती में सफेदा वाली कापियों को न चेक करने का निर्णय भी कोर्ट से खारिज हुआ क्योंकि ये निर्णय विज्ञप्ति के बाद लिया गया था

मै बात कर रहा हु कि विज्ञप्ति में कुछ और लिखा हो और सरकार आदेश दे कर कुछ और करवा रही हो ….

ऐसा कोर्ट ने कभी होने नही दिया |

ऐसा कभी हुआ हो तो बताइए ?

पुलिस भर्ती में विज्ञप्ति से पहले नियमावली नही बदला गया था लेकिन ….

विज्ञप्ति से पहले ये notification आ गया था कि भर्ती नये एवं परिवर्तित नियमावली के आधार पर होगी …. जिसके आधार पर कोर्ट ने मान लिया था

पुलिस भर्ती में अखिलेश सरकार ने 1 लाइन लिखा था कि भर्ती नये नियमावली के अनुसार होगी …

उसके बाद विज्ञप्ति आयी तथा उसके महीने भर बाद नियमावली बनायी तब भी कोर्ट ने मान लिया था उसको

लेकिन मैंने बहुत कोशिस की कोई भर्ती नही मिली जिसमे कोर्ट ने किसी ऐसी बात को माना हो जिसका जिक्र विज्ञप्ति में न हुआ हो…

अगर ये विज्ञप्ति में 1 लाइन लिख देते की कटऑफ हम बाद में घोषित करेंगे तब कोर्ट को आधार मिल जाता और 60-65 हो जाता

जितनी भयंकर सुनवाई हुई थी ….

कोई भी जज नही चाहता की ज्यादा नम्बर वाला घर बैठे और कम नम्बर वाला जॉब करे ….. लेकिन बेचारे को कोई पॉइंट मिला नही जिसके आधार पर वो 60-65 को जिता दे

जज साहब तो कटऑफ 0 ही कर देते लेकिन उनको एक हल्का सा आधार मिल गया कि ये पिछली भर्ती का पार्ट 2 है इसलिए वही 40-45 रहेगा ….

वो भी दिल से चाहते रहे होंगे की ज्यादा नम्बर वाला सेलेक्ट हो लेकिन उनको कुछ आधार मिला नही उनकी मजबूरी थी |

कुल मिलाकर पढ़ाई करते रहना चाहिए कुछ भी सम्भव है

कोई सुझाव या तर्क ???

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